पेट में गैस है या अपेंडिक्स? इन 5 संकेतों से खुद पहचानें
पेट में अचानक तेज दर्द उठना एक बेहद आम समस्या है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग इसे मामूली गैस, एसिडिटी या बदहजमी समझकर घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं या मेडिकल स्टोर से कोई भी Antacid दवा खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप साधारण गैस समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं, वह असल में अपेंडिक्स (Appendicitis) का खतरनाक दर्द भी हो सकता है?
1. अपेंडिक्स क्या है और इसमें सूजन क्यों आती है?
हमारे पेट के निचले दाहिने हिस्से (Lower Right Abdomen) में बड़ी आंत से जुड़ी एक छोटी सी, बंद नली जैसी संरचना होती है, जिसे अपेंडिक्स कहा जाता है। जब किसी कारणवश (जैसे कठोर मल, भोजन के कण या bacteria के कारण) इस नली का रास्ता block हो जाता है, तो इसमें infection फैल जाता है।
इस स्थिति को medical भाषा में Appendicitis कहते हैं। इसका एकमात्र और सबसे सुरक्षित स्थायी इलाज सर्जरी द्वारा इस संक्रमित नली को शरीर से बाहर निकालना होता है।
2. गैस और अपेंडिक्स के दर्द में अंतर: ये 5 मुख्य संकेत
गैस का दर्द
पूरे पेट में कहीं भी घूमता हुआ महसूस हो सकता है। कभी ऊपरी हिस्से में तो कभी निचले हिस्से में खिंचाव या मरोड़ जैसा लगता है।
अपेंडिक्स का दर्द
यह दर्द आमतौर पर नाभि (Navel) के आस-पास से शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़कर पेट के निचले दाहिने हिस्से (Lower Right Side) में जाकर settle हो जाता है।
गैस का दर्द
यह दर्द आता-जाता रहता है। जैसे ही डकार आती है या गैस pass होती है, दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है।
अपेंडिक्स का दर्द
यह दर्द लगातार बना रहता है और समय के साथ बढ़ता ही चला जाता है। खांसने, छींकने, चलने या पेट के दाहिने हिस्से को दबाने पर यह दर्द असहनीय हो जाता है।
गैस
कभी-कभार भारीपन महसूस हो सकता है, लेकिन उल्टी आमतौर पर नहीं होती।
अपेंडिक्स
मरीज को लगातार जी मिचलाने (Nausea) की शिकायत रहती है और कई बार उल्टी भी हो जाती है। यदि दर्द के साथ उल्टी शुरू हो जाए, तो इसे हल्के में न लें।
गैस
गैस के कारण शरीर का तापमान कभी नहीं बदलता।
अपेंडिक्स
चूंकि अपेंडिक्स एक bacterial infection है, इसलिए मरीज को दर्द के साथ 99°F से 101°F तक का हल्का बुखार और कंपकंपी महसूस हो सकती है।
गैस
भूख पर आमतौर पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
अपेंडिक्स
अपेंडिक्स के infection का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। मरीज की भूख पूरी तरह खत्म हो जाती है और कुछ मरीजों को गंभीर कब्ज (Constipation) या पतले दस्त (Diarrhea) की शिकायत होने लगती है।
3. लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ही क्यों है सबसे सुरक्षित विकल्प?
आज ग्वालियर में डॉ. शुभम गुप्ता इस ऑपरेशन को आधुनिक लैप्रोस्कोपिक विधि (दूरबीन तकनीक) से करते हैं।
अत्यंत सूक्ष्म चीरा — Key-hole Surgery
Minimal Pain — ना के बराबर दर्द
24-48 घंटे में Discharge
कुछ ही दिनों में काम पर वापसी
4. पेशेंट गाइड: लक्षण दिखने पर क्या करें और क्या न करें?
ये गलतियां बिल्कुल न करें:
- बिना डॉक्टर से पूछे Painkillers न लें — दर्द तो दब जाता है, लेकिन अंदरूनी infection बढ़ता रहता है और सही Diagnosis में देरी हो जाती है।
- पेट पर गर्म सिकाई न करें — अपेंडिक्स के मामले में गर्मी मिलने से infected नली के फटने का खतरा दोगुना हो जाता है।
- खाली पेट रहें — अगर दर्द बहुत तेज है और आप डॉक्टर के पास जा रहे हैं, तो कुछ भी भारी खाना या पीना बंद कर दें।
इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं:
- दर्द लगातार बढ़ रहा हो
- उल्टी हो रही हो या जी मिचला रहा हो
- बुखार आ रहा हो
- पेट का दाहिना निचला हिस्सा छूने पर बहुत दर्द हो
पेट की हर गैस मामूली नहीं होती। लक्षणों के प्रति आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको किसी बड़ी अनहोनी या emergency critical situation से बचा सकती है। दर्द को सहते रहना या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना समझदारी नहीं है।
पेट के दाहिने हिस्से में दर्द? आज ही संपर्क करें
डॉ. शुभम गुप्ता — लैप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन, ग्वालियर
True Health Polyclinic, Hospital Rd, Near Old Parivaar Hospital, Lalitpur Colony, Lashkar, Gwalior